बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में प्री-मानसून गतिविधि तेज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में मौसम लगातार सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों के तराई और अंदरूनी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। कोलकाता में भी तेज बारिश हुई, जहाँ अलीपुर और दमदम वेधशालाओं में लगभग 54 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो इस महीने के सामान्य स्तर के करीब है। वहीं झारखंड के चाईबासा में 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों तक इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस सक्रिय मौसम के पीछे कई महत्वपूर्ण प्रणालियाँ काम कर रही हैं। दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और आसपास के बिहार क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि उत्तर-पूर्व बांग्लादेश के ऊपर एक और सिस्टम सक्रिय है। इन दोनों को जोड़ने वाली ट्रफ रेखा बिहार, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए पूर्वोत्तर भारत तक फैली हुई है। यही कारण है कि लगातार बादल बन रहे हैं और बारिश की गतिविधियाँ बनी हुई हैं। इन परिस्थितियों के चलते बिहार के तराई इलाकों, झारखंड के अंदरूनी भागों और गंगीय पश्चिम बंगाल के दक्षिणी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना है। पटना, रांची और कोलकाता जैसे प्रमुख शहर भी इसकी चपेट में रहेंगे। तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे मई के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम में सुधार की संभावना मई के दूसरे हिस्से की शुरुआत में जताई जा रही है। पूर्वी भारत में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में मौसम लगातार सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों के तराई और अंदरूनी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। कोलकाता में भी तेज बारिश हुई, जहाँ अलीपुर और दमदम वेधशालाओं में लगभग 54 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो इस महीने के सामान्य स्तर के करीब है। वहीं झारखंड के चाईबासा में 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों तक इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस सक्रिय मौसम के पीछे कई महत्वपूर्ण प्रणालियाँ काम कर रही हैं। दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और आसपास के बिहार क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि उत्तर-पूर्व बांग्लादेश के ऊपर एक और सिस्टम सक्रिय है। इन दोनों को जोड़ने वाली ट्रफ रेखा बिहार, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए पूर्वोत्तर भारत तक फैली हुई है। यही कारण है कि लगातार बादल बन रहे हैं और बारिश की गतिविधियाँ बनी हुई हैं। इन परिस्थितियों के चलते बिहार के तराई इलाकों, झारखंड के अंदरूनी भागों और गंगीय पश्चिम बंगाल के दक्षिणी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना है। पटना, रांची और कोलकाता जैसे प्रमुख शहर भी इसकी चपेट में रहेंगे। तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे मई के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम में सुधार की संभावना मई के दूसरे हिस्से की शुरुआत में जताई जा रही है।

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