सोयाबीन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय कारणों से बाजार में उछाल
इस सप्ताह सोयाबीन बाजार में हुई हलचल मंडी रिपोर्ट के अनुसार सटीक साबित हुई। जैसा कि पहले बताया गया था, बाजार में तेजी के साथ सोयाबीन की कीमत ₹6500 के पार पहुंचने की संभावना थी, और वही हुआ। कीर्ति प्लांट में इस सप्ताह ₹450 की बढ़ोतरी हुई, जिससे शनिवार को भाव ₹6650 तक पहुँच गए। जून के लिए फ्यूचर डिलीवरी में ₹6850 तक का स्तर देखा गया। सप्ताह की शुरुआत में बाजार कुछ ठंडा रहा, लेकिन अंत तक उसने जोरदार रफ्तार पकड़ी। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के क्रशिंग यूनिट्स द्वारा की गई मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जिसके परिणामस्वरूप प्लांट डिलीवरी भाव में उल्लेखनीय उछाल आया। शनिवार को मंडियों में भी तेजी देखने को मिली, जिसमें अमरावती में ₹6400 (+300), बार्शी में ₹6250 (+350), इंदौर में ₹6400 (+200), करेली में ₹6700 (+438) और देवास में ₹6690 तक के भाव दर्ज किए गए। हालांकि, सोया रिफाइंड तेल में इस तेजी का कोई असर नहीं दिखा और पूरे सप्ताह ₹5-10 प्रति 10 किलो के मामूली उतार-चढ़ाव के बीच ही व्यापार हुआ। कांडला पर सोया तेल ₹1480, मुंबई पोर्ट पर ₹1510 और हल्दिया पर ₹1470 (+10) के स्तर पर रहा। तेल सेगमेंट में मजबूती का असर सीमित दिखाई दे रहा है और यह वैश्विक बाजारों में तेजी को फॉलो नहीं कर रहा है। सोया डीओसी (डिगमेस्टेड ऑयल कंप्रेस्ड) में इस सप्ताह ₹5000 प्रति टन की वृद्धि देखी गई। शनिवार को देसान धूलिया पर ₹50500 (+500), धनराज लातूर पर ₹51000 (+700) और महेश एडिबल पर ₹52000 तक के टॉप रेंज में कारोबार हुआ, जो फीड इंडस्ट्री में बढ़ती मांग को दर्शाता है। मंडियों में औसतन 1.35 लाख बोरी की आवक रही और लगभग सभी माल बिक गया। नाफेड भी निचले स्तरों पर बिड पास करने में विफल रहा, जिससे दबाव सीमित रहा। इंटरनेशनल स्तर पर ब्राजील और अर्जेंटीना में रिकॉर्ड उत्पादन के संकेत हैं। ब्राजील में 92% कटाई पूरी हो चुकी है, जबकि अर्जेंटीना का उत्पादन 480 लाख टन तक होने का अनुमान है। वैश्विक उत्पादन 44.10 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में खाद्य तेल बाजार पर टैरिफ वैल्यू के बढ़ने, रुपये की कमजोरी और ग्लोबल सप्लाई फैक्टर के असर से आयात लागत बढ़ी है। अक्टूबर से मार्च तक की सोयाबीन आवक पिछले साल से 11 लाख टन कम हो गई है। घरेलू और सरकारी स्टॉक्स में कमी और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, साथ ही कमजोर मानसून की संभावना के चलते सोयाबीन बाजार में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है। ₹6700 पर रेजिस्टेंस स्तर मौजूद है और यह देखना होगा कि बाजार इसे पार कर पाता है या नहीं। यदि यह स्तर टूटता है, तो ₹7000 तक के स्तर का परीक्षण हो सकता है। जो ट्रेडर्स जोखिम नहीं लेना चाहते, वे थोड़ा स्टॉक क्लियर करने का विचार कर सकते हैं।