चना में बढ़ी खरीदारी, सरकारी स्टॉक और आयात पर बाजार की नजर

चना बाजार नए सप्ताह में भी मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। सीमित आवक और किसानों व स्टॉकिस्टों की नियंत्रित बिकवाली के कारण बाजार में सप्लाई का दबाव कम बना हुआ है। दिल्ली राज लाइन नया चना पिछले सप्ताह की शुरुआत में 6,275–6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर खुला था, जो सप्ताह के अंत तक बढ़कर 6,375–6,400 रुपये पर पहुंच गया। यानी सप्ताहभर में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज हुई। जून 2026 के निचले स्तर से अब तक दिल्ली चने में लगभग 490 रुपये प्रति क्विंटल की रिकवरी हो चुकी है। दाल और बेसन मिलों की जरूरत आधारित खरीद ने भी बाजार को मजबूती दी है। प्रमुख मंडियों में भी सप्ताह के दौरान चने के भाव में लगभग 75–150 रुपये प्रति क्विंटल तक की तेजी देखने को मिली। दिल्ली में फिलहाल 6,375–6,400 रुपये का स्तर बाजार का प्रमुख स्पॉट भाव बना हुआ है। वहीं ऑस्ट्रेलिया की नई फसल के अक्टूबर-नवंबर ऑफर करीब 700 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती का संकेत है। घरेलू बाजार में अच्छी क्वालिटी के चने की उपलब्धता सीमित होने से मिलर्स की खरीद सरकारी स्टॉक और आयातित चने की ओर बढ़ सकती है। अब बाजार की अगली बड़ी चाल NCCF टेंडर से तय होने की संभावना है। व्यापारियों की नजर टेंडर में आने वाली मात्रा और स्वीकृत बोली पर है। यदि सरकारी बिक्री सीमित रहती है और भाव मजबूत बने रहते हैं, तो खुले बाजार में तेजी को आगे भी सहारा मिल सकता है। वहीं कम भाव पर बड़ी मात्रा में चना जारी होने पर कुछ समय के लिए बाजार की तेजी धीमी पड़ सकती है। NAFED की बिक्री भी महत्वपूर्ण रहेगी, जबकि ऑस्ट्रेलियाई चने की कीमत और आयात लागत घरेलू भावों के लिए अगला महत्वपूर्ण संकेत देंगी। फिलहाल चना बाजार का रुख मजबूत से सकारात्मक बना हुआ है। यदि किसानों और स्टॉकिस्टों की बिकवाली सीमित रहती है, सरकारी स्टॉक नियंत्रित मात्रा में आता है और दाल-बेसन की मांग त्योहारी सीजन में बढ़ती है, तो तेजी की गुंजाइश बनी रहेगी। दिल्ली चने में 6,800–7,000 रुपये प्रति क्विंटल अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य क्षेत्र बन सकता है। किसानों के लिए मौजूदा भावों पर घबराकर बिक्री करने के बजाय बाजार और स्थानीय मांग पर नजर रखना बेहतर रहेगा, जबकि व्यापारियों को 6,400 रुपये के आसपास के मौजूदा स्तर, NCCF-NAFED टेंडर भाव, आयात लागत और मंडी आवक को ध्यान में रखकर आगे की खरीदारी करनी चाहिए।

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