अगले 7 दिनों का मौसम अलर्ट: कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत, किसान फसल सुरक्षा के लिए रहें तैयार

भारत के अगले सात दिनों के वर्षा पूर्वानुमान (31 अक्टूबर से आगामी 7 दिन) के अनुसार देश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना दिखाई दे रही है। मौसम मानचित्र में पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में वर्षा के संकेत हैं। इसके अलावा उत्तराखंड और हिमालय की तलहटी तथा दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। मध्य और पश्चिमी भारत के बड़े हिस्सों में फिलहाल अपेक्षाकृत कम वर्षा के संकेत हैं। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में धान की कटाई और मड़ाई का काम चल रहा है, इसलिए किसानों को मौसम के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए। जहां बारिश की संभावना है, वहां कटी हुई धान की फसल को खुले खेतों में छोड़ने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में कटी फसल तथा खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढकें। कटाई के बाद अनाज को अच्छी तरह सुखाकर ही भंडारित करें, ताकि नमी और फफूंद से नुकसान न हो। बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में सरसों, गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को खेत की नमी और मिट्टी की स्थिति देखकर ही बुवाई एवं सिंचाई का निर्णय लेना चाहिए। जिन खेतों में पर्याप्त नमी है, वहां अनावश्यक सिंचाई से बचें। भारी या लगातार बारिश होने पर जलभराव की स्थिति न बनने दें और खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें। सब्जियों और बागवानी फसलों में जल निकासी तथा पौधों को गिरने से बचाने पर विशेष ध्यान दें। किसानों के लिए जरूरी सलाह: अगले सात दिनों में कृषि कार्यों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार निर्धारित करें। बारिश से पहले कटी फसल, भूसा और कृषि उपज को सुरक्षित कर लें। कीटनाशक, फफूंदनाशक और उर्वरकों का छिड़काव बारिश की संभावना के दौरान न करें; मौसम साफ होने और खेत की स्थिति अनुकूल होने पर ही छिड़काव करें। ध्यान रखें कि यह भारत स्तर का वर्षा पूर्वानुमान है, इसलिए किसी जिले या गांव में बारिश की वास्तविक स्थिति अलग हो सकती है। बुवाई, कटाई, सिंचाई और फसल सुरक्षा के निर्णय से पहले अपने क्षेत्र का स्थानीय पूर्वानुमान अवश्य देखें।

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