नैफेड के पास लगभग 15.93 लाख टन दलहनों का स्टॉक
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अधीनस्थ एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) के पास वर्तमान में लगभग 15.93 लाख टन दलहनों का स्टॉक उपलब्ध है। इस स्टॉक में घरेलू स्तर पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे गए दलहन के साथ-साथ आयातित दलहन भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि नैफेड मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत किसानों से दलहन, तिलहन एवं कोपरा की खरीद के लिए अधिकृत सहकारी एजेंसी है और देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में इसकी सक्रिय भूमिका बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में नैफेड के पास 5.40 लाख टन मूंग, 4.60 लाख टन तुवर (अरहर), 3.60 लाख टन मसूर, 1.60 लाख टन चना, 36 हजार टन उड़द तथा 37 हजार टन आयातित मसूर का स्टॉक है। इस प्रकार कुल दलहन स्टॉक 15.93 लाख टन है, जो बफर स्टॉक के लिए निर्धारित मात्रा से कम है। 2024-25 के खरीफ विपणन सीजन के दौरान केन्द्रीय पूल के लिए लगभग 6.50 लाख टन तुवर की खरीद की गई, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही। 2025-26 सीजन के लिए फसल की खरीद भी प्रारंभ हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, नैफेड द्वारा लगभग 50 हजार टन उड़द की भी खरीद की गई। पिछले रबी सीजन में चना की सरकारी खरीद निर्धारित लक्ष्य से काफी कम रही थी। इसे देखते हुए कृषि मंत्रालय ने इस वर्ष चना की खरीद के लिए विभिन्न उत्पादक राज्यों हेतु राज्य-वार कोटा निर्धारित करना शुरू किया है। इसी क्रम में हाल ही में कर्नाटक में 1.13 लाख टन चना की खरीद को स्वीकृति दी गई है। रबी दलहनों की आवक अब तक निर्धारित स्तर से कम रही है और इसके फरवरी-मार्च से शुरू होने की संभावना है। वहीं, खरीफ तुवर की आपूर्ति फिलहाल बाजार में जारी है। आगे चलकर दलहनों की सरकारी खरीद घरेलू बाजार मूल्यों पर निर्भर करेगी। वर्तमान में अधिकांश दलहनों के दाम एमएसपी से नीचे बने हुए हैं।