बासमती चावल 1401 स्टीम के भाव ₹9,000 तक जाने की संभावना
मौजूदा महीने के पहले पखवाड़े में ईरान को लेकर अनिश्चितता के कारण सभी किस्मों के बासमती चावल के दामों में तेज़ गिरावट देखने को मिली। ऊँचे स्तर से भाव ₹800-900 प्रति क्विंटल तक टूट गए थे। हालांकि, निचले स्तरों पर निर्यातकों की खरीद और धान के भाव बढ़ने से पिछले एक सप्ताह में लगभग ₹500 प्रति क्विंटल की रिकवरी हुई है। थोड़े समय के कंसोलिडेशन के बाद बाज़ार में अब ₹600-700 प्रति क्विंटल की और बढ़त की संभावना जताई जा रही है। जुलाई-अगस्त के दौरान भारी बारिश और बाढ़ के कारण पंजाब में लगभग 24-25% धान की फसल को नुकसान हुआ, जबकि हरियाणा में करीब 10% फसल खराब होने की खबर है। इसके चलते 1509 और 1401 सहित सभी किस्मों के धान के भाव अक्टूबर से तेज़ी में रहे। हालांकि, जनवरी के पहले पखवाड़े में ईरान की मुद्रा में गिरावट और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाज़ार में तेज़ करेक्शन आया। पिछले 10 दिनों में 1401 स्टीम चावल के भाव ₹8,600 से गिरकर ₹7,800 प्रति क्विंटल तक आ गए थे। लेकिन निचला स्तर बनने के बाद आज भाव ₹8,200 प्रति क्विंटल तक सुधर गए हैं। राइस मिलों में धान और चावल दोनों की कमी बनी हुई है, वहीं निर्यातकों के पास अन्य देशों के लिए बड़ी संख्या में पेंडिंग ऑर्डर हैं। इसी वजह से भाव ₹9,000 प्रति क्विंटल तक जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी तरह, 1509 सेला चावल के भाव ₹6,800 से गिरकर ₹6,300 प्रति क्विंटल हो गए थे, लेकिन बाद में रिकवरी होकर आज ₹6,850 तक पहुँच गए और शाम तक ₹6,900 के भाव बोले गए। 1718 चावल के भाव भी ₹6,900 से गिरकर ₹6,500 प्रति क्विंटल आ गए थे, लेकिन पिछले 4-5 दिनों में बड़े निर्यातकों की मजबूत खरीद के चलते तेज़ उछाल आया और ₹7,100 प्रति क्विंटल पर सौदे दर्ज किए गए। मौजूदा भावों पर धान की मिलिंग लागत चावल के भाव से लगभग ₹300 प्रति क्विंटल ज़्यादा बैठ रही है। इसे देखते हुए बाज़ार के धीरे-धीरे ₹9,000 प्रति क्विंटल की ओर बढ़ने की संभावना है। जंडियाला गुरु, अमृतसर और तरनतारन मंडियों में 1718 धान के भाव ₹3,600-3,700 प्रति क्विंटल तक पहुँच गए हैं। तरावड़ी, कैथल, टोहाना, सफीदों और चीका मंडियों में नमी और दाने की लंबाई के अनुसार धान के भाव ₹3,500-3,570 प्रति क्विंटल बोले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की मंडियों जैसे दादरी, उझानी, बहजोई, जहांगीराबाद और बरेली में धान के भाव फिलहाल ₹3,400-3,500 प्रति क्विंटल के आसपास हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में सीजन में ऊँचे भाव पर खरीदा गया धान अक्सर मिलों में फँस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान हुआ। लेकिन इस वर्ष मज़बूत निर्यात प्रतिबद्धताओं और मिलिंग की अच्छी मांग को देखते हुए बाज़ार में रुक-रुक कर लेकिन टिकाऊ तेज़ी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।