चना बाज़ार अपडेट

सप्ताह के दौरान चना बाज़ार में ₹25�50 का उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंत में भाव ₹25 की तेजी के साथ बंद हुए। दिल्ली में राजस्थान के बेहतरीन चने का भाव ₹5,950 प्रति क्विंटल रहा। पिछले एक महीने में चना बाज़ार में लगभग ₹350 की रिकवरी हुई है, हालांकि यह अभी भी पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब ₹175 नीचे है। शनिवार को मंडियों के भाव इस प्रकार रहे: � दिल्ली (राजस्थान चना): ₹5,950 � जयपुर (बिल्टी): ₹5,975 � राजकोट: ₹5,700 � अकोला: ₹5,520 � लातूर: ₹5,950 � बीकानेर: ₹5,450 प्रति क्विंटल नवंबर के दौरान बाज़ार ने कई बार ऊपर जाने की कोशिश की, लेकिन ₹6,000 के स्तर के आसपास मुनाफावसूली आने से बार-बार गिरावट देखने को मिली। हालांकि, मौजूदा संकेत बताते हैं कि बाज़ार कमजोर नहीं है, क्योंकि निचले स्तरों पर मजबूत खरीद समर्थन दिखाई दे रहा है। मिलर्स की सक्रिय खरीद, पुराने देसी चने की कमी और नई फसल की आवक में देरी की खबरों ने भावों को सहारा दिया है। इसके अलावा चना दाल और बेसन की स्थिर मांग से दालों के सेगमेंट में मजबूती बनी हुई है। जयपुर में चना दाल के भाव ₹50�75 बढ़कर लगभग ₹6,775 प्रति क्विंटल हो गए हैं। मुंबई में आयातित चने में भी ₹50 की तेजी दर्ज की गई। तंज़ानिया चना ₹5,500 और ऑस्ट्रेलियन चना ₹5,750 प्रति क्विंटल रहा, जबकि कांडला में ऑस्ट्रेलियन चना करीब ₹5,625 प्रति क्विंटल बोला गया। देश में पुराने चने का स्टॉक काफी सीमित है, इसी वजह से भाव निचले स्तरों पर टिक नहीं पा रहे हैं और फिलहाल तेज गिरावट की संभावना कमजोर नजर आ रही है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में ठंड के कारण फसल में हल्की देरी की खबरें भी भावों को सहारा दे रही हैं, हालांकि यह देरी ज्यादा गंभीर नहीं है। कर्नाटक में आने वाले 15 दिनों में नए चने की आवक बढ़ने की उम्मीद है। गदग मंडी में फिलहाल लगभग 12,500 क्विंटल की आवक बताई जा रही है, जहां भाव ₹5,000�5,700 के बीच चल रहे हैं। गदग से छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के लिए स्पॉट सौदे करीब ₹5,650 प्रति क्विंटल पर हो रहे हैं। पुराने और नए चने के भाव में अंतर कम होने के कारण व्यापारी नई फसल को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, जब तक ताजा आवक से बाज़ार पर वास्तविक दबाव नहीं पड़ता, तब तक बड़ी गिरावट की संभावना कम है। कुल मिलाकर, तुअर और उड़द के भावों में मजबूती का असर भी चने पर सहारा दे रहा है। मौजूदा हालात में निकट भविष्य में चना बाज़ार सीमित दायरे में मजबूत से स्थिर रहने की संभावना है, जबकि आगे की दिशा मुख्य रूप से नई फसल की आवक की रफ्तार पर निर्भर करेगी।

Insert title here