3 साल बाद गेहूं निर्यात फिर शुरू, 25 लाख टन की मंजूरी
करीब 3 साल से अधिक समय बाद केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगी रोक हटा दी है। सरकार ने 25 लाख टन गेहूं और इसके साथ 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी दी है। इसके अलावा सरकार ने पहले से स्वीकृत 15 लाख टन के अलावा 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी निर्यात की भी अनुमति दे दी है। गौरतलब है कि देश में बेहतर उत्पादन और मजबूत सरकारी भंडार को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। भारत ने 13 मई 2022 को गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में भारतीय गेहूं महंगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की कीमत 260–265 डॉलर प्रति टन है, जबकि भारतीय गेहूं की कीमत 280–290 डॉलर प्रति टन पड़ती है। इसकी वजह भारत का ऊंचा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) है। वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू कीमतों में गिरावट आने पर ही निर्यात रफ्तार पकड़ पाएगा। अनुमान है कि 2026-27 में गेहूं उत्पादन 118 मिलियन टन से अधिक हो सकता है, जो अब तक का रिकॉर्ड होगा।