उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ, दक्षिण भारत में मानसून की तेजी

देश में मौजूदा मौसम प्रणाली के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में 16 मई के आसपास आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। वर्तमान में, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर स्थित निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय बना हुआ है, और इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर ऊँचाई तक फैला हुआ है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ अब जम्मू क्षेत्र से आगे बढ़कर लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों तक पहुँच चुका है। दक्षिण हरियाणा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके अलावा, एक ट्रफ दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से मणिपुर तक पूर्वी मध्य प्रदेश, दक्षिण बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल और दक्षिण असम होते हुए गुजर रही है, जबकि दूसरी ट्रफ दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक फैली हुई है। अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर दिखा सकता है। पिछले 24 घंटों में, सिक्किम, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश हुई और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं और बारिश की घटनाएँ हुईं। केरल, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दक्षिण-पूर्व राजस्थान, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। पश्चिम राजस्थान में लू से लेकर भीषण लू का प्रभाव बना रहा, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लू की स्थितियाँ देखी गईं। अगले 24 घंटों के दौरान, सिक्किम, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी हिमालय, बिहार, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी, गरज-चमक और छिटपुट बारिश की गतिविधियाँ होने की संभावना है। वहीं, पश्चिम राजस्थान में भीषण लू का प्रकोप जारी रहने की संभावना है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में लू चलने की संभावना है।

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