पिछले साल से अधिक हुई गेहूं खरीद, 306 लाख टन पार पहुंचा आंकड़ा
रबी विपणन सीजन 2026-27 में गेहूं की सरकारी खरीद लगातार मजबूत बनी हुई है। 13 मई तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कुल 306.12 लाख टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई, जो पिछले रबी सीजन की समान अवधि के 292.60 लाख टन की तुलना में 4.62 प्रतिशत अधिक है। बढ़ती खरीद से यह साफ संकेत मिल रहा है कि इस बार सरकार अपने लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अनुसार पंजाब इस बार भी सरकारी खरीद में सबसे आगे बना हुआ है। राज्य से 13 मई तक 121.62 लाख टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जबकि पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 118.17 लाख टन था। हरियाणा में खरीद ने तय लक्ष्य को भी पार कर लिया है। यहां अब तक 80.93 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जबकि राज्य का लक्ष्य 72 लाख टन निर्धारित किया गया था। पिछले वर्ष इसी अवधि में हरियाणा से 70.69 लाख टन खरीद हुई थी। मध्य प्रदेश में चालू सीजन के दौरान 73.99 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई है, जो पिछले साल की तुलना में 4.82 प्रतिशत कम है। हालांकि मई महीने में खरीद की रफ्तार तेज हुई है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए खरीद लक्ष्य 78 लाख टन से बढ़ाकर 100 लाख टन कर दिया है। किसानों को MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल के अलावा बोनस भी दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश से अब तक 12.08 लाख टन और राजस्थान से 16.64 लाख टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है। इसके अलावा बिहार, गुजरात, चंडीगढ़, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी सरकारी खरीद जारी है। इस सीजन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में गुणवत्ता मानकों में छूट देते हुए लस्टर लॉस की सीमा 70 प्रतिशत तथा टूटे दानों की सीमा 15 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं खरीद लक्ष्य को बढ़ाकर 345 लाख टन कर दिया है, जबकि पहले 303 लाख टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।