देशभर में मानसून का जोर, कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट
देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे अगले कुछ दिनों तक उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर भारत की बात करें तो हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 4 अगस्त तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे। खासतौर पर छत्तीसगढ़, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का खतरा जताया गया है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिम भारत में कोंकण-गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है। गुजरात के कुछ इलाकों में 31 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। केरल, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम विभाग की सलाह: भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। कुल मिलाकर, अगले 5 से 6 दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।