चना बाजार में तेजी की नई उम्मीद! ₹7,000 का मजबूत सहारा, क्या दिसंबर-जनवरी में भाव ₹8,500 तक पहुंचेंगे?
देशभर के प्रमुख चना बाजारों में हालिया तेजी के बाद कीमतों में मजबूती का रुख बना हुआ है। 2 नवंबर 2026 की बाजार रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली राजस्थान लाइन चना ₹7,500 प्रति क्विंटल और दिल्ली मध्य प्रदेश लाइन ₹7,450 पर कारोबार कर रहा है। इंदौर में भाव ₹7,400, लातूर में ₹7,800, अकोला में ₹7,700 और बीकानेर में ₹7,375 दर्ज किए गए हैं। राजस्थान के जयपुर में ₹7,475 तथा कानपुर में ₹7,525 के भाव बताए गए हैं। बाजार में सीमित आवक और ऊंचे स्तरों पर मांग के कारण कीमतों को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, कुछ मंडियों में मुनाफावसूली के चलते भावों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। चना बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकेत उपलब्धता और आगामी सप्लाई को लेकर सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट में 2025-26 के लिए कुल उपलब्धता 93.97 लाख टन और मांग 82.91 लाख टन अनुमानित की गई है। वहीं 2026-27 में उपलब्धता घटकर 91.06 लाख टन और मांग बढ़कर 85.60 लाख टन रहने का अनुमान है। इसके साथ ही कैरीफॉरवर्ड स्टॉक में बड़ी गिरावट की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुराना स्टॉक 11.06 लाख टन से घटकर लगभग 5.46 लाख टन रह सकता है। यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो अगले सीजन में घरेलू बाजार में सप्लाई की स्थिति अपेक्षाकृत तंग हो सकती है। आयात के मोर्चे पर भी घरेलू बाजार के लिए कुछ सकारात्मक संकेत बताए जा रहे हैं। जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान चना आयात लगभग 6.54 लाख टन रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 11.77 लाख टन के आसपास था। इस तरह आयात में करीब 44.43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। दूसरी ओर, विदेशी बाजार में पुराने चने के भाव लगभग 800 डॉलर प्रति टन और नई फसल की डिलीवरी के भाव करीब 820 डॉलर प्रति टन बताए गए हैं। सरकारी बिक्री, विदेशी माल की उपलब्धता और नई फसल की आवक आने वाले महीनों में घरेलू बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक होंगे। रबी सीजन की बुवाई की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में कम नमी के कारण बुवाई प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। आगे के बाजार की बात करें तो ₹7,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ₹7,700–7,800 के भाव पर बाजार को मजबूत रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। अनुकूल परिस्थितियों में दिसंबर-जनवरी के दौरान चना ₹8,000 से ₹8,500 प्रति क्विंटल तक पहुंचने की संभावना रिपोर्ट में व्यक्त की गई है, लेकिन इसे निश्चित लक्ष्य नहीं माना जाना चाहिए। बाजार की अगली दिशा सरकारी स्टॉक बिक्री, आयात, नई फसल की बुवाई, मौसम और वास्तविक मंडी आवक पर निर्भर करेगी। किसानों और व्यापारियों को सलाह है कि वे एक साथ बड़े सौदे करने के बजाय बाजार की चाल, स्थानीय मांग और उपलब्ध स्टॉक को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से खरीद-बिक्री की रणनीति अपनाएं।