दलहन रिपोर्ट

देसी चना-शीघ्र और तेजी संभव राजस्थान, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में देसी चने की आवक पूरी तरह घट गई है। केवल स्टाक के माल कारोबारियों के कट रहे हैं, इन परिस्थितियों में बाजार गत सप्ताह 150 रुपए बढ़कर 50 रुपए सुस्त रहा, लेकिन देसी चने की जड़ में मंदा नहीं है। हम मानते हैं कि सरकार के पास देसी चने का स्टॉक ज्यादा पड़ा है, लेकिन उत्पादक मंडियों में माल ज्यादा नहीं है, जो माल है भी, वह बड़ी-बड़ी कम्पनियों में स्टॉक में पड़ा हुआ है।ग्रेन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अकोला-जलगांव लाइन से पड़ते ऊंचे हो गए हैं। इंदौर लाइन में भी बाजार तेज है, जिससे मध्यप्रदेश का देशी एवं पीला चना वहीं खप रहा है। अत: बाजार कभी भी छलांग लगा जाएगा। तुवर-200/300 रुपए जल्दी और बढ़ेंगे तुवर की घरेलू फसल दिसंबर-जनवरी से पहले कोई आने वाली नहीं है। रंगून से भी हाजिर सौदे करने पर ऊंचे पड़ते का ही माल मिल रहा है। सूडान-नाइजीरिया के सस्ते माल का आयात होता था, वह माल आने नहीं हैं।ग्रेन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अकोला जलगांव लाइन के हल्के माल काफी निबट गए हैं। बढ़िया माल के भाव गत सप्ताह में 250 रुपए बढ़ गये हैं, जिससे रंगूनी तूवर अभी 200 रुपए बढ़ाकर बोली गई, इन परिस्थितियों में बाजार तेज ही लग रहा है। काबली चना-माल की कमी से फिर बढ़ेगा गत सप्ताह काबली चने में तेजी के बाद वर्तमान में 200 बाजार सुस्त हो गया है, लेकिन हाजिर माल की कमी महाराष्ट्र की मंडियों में बनी हुई है, जिससे जो कम भाव के माल आकर बिक रहे थे, वह ज्यादा नहीं आ रहे हैं। इधर मध्य प्रदेश का मोटा चना कम आ रहा है, क्योंकि इंदौर एवं भोपाल दोनों ही मंडियां ऊंची बिक रही हैं, इन परिस्थितियों में काबुली चने के व्यापार में रिस्क नहीं है।ग्रेन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र का काबली चना बढ़िया माल 7900 रुपए बोल रहे हैं, जो ऊपर में 8100 रुपए पिछले सप्ताह बिक गया था।अत: भारी तेजी के बाद थोड़ा करेक्शन जरूरी था, इसके बाद फिर बाजार तेज हो जाएगा। उड़द- फिर बढ़ने के आसार उड़द में लिवाली से एक पखवाड़े से अच्छी रही, जिसके चलते बाजार 500 रुपए बढ़कर 8900 तक बोलने लगे थे, लेकिन बाद में मुनाफावसूली बिकवाली से 8700 एसक्यू क्वालिटी के भाव रह गए, उसके बाद बिकवाली कमजोर होने से आज ग्राहकी अच्छी देखी गई। छोटे माल भी ज्यादा बिकने लगे हैं, नई फसल कोई आने वाली नहीं है ग्रेन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अभी उसमें एक महीने का पूरा समय लगेगा, इन परिस्थितियों में उड़द कभी भी बाजार से सुधर जाएगी। थोड़ा एफएक्यू के भाव भी 7650 रुपए पर पहुंच गये। वास्तविकता यह है कि उड़द की चौतरफा भारी कमी बनी हुई है तथा दाल मिलों के माल बिके हुए हैं, उसे देखते हुए बाजार अभी तेज ही रहेगा। मूंग- अब बाजार रुक कर बढ़ेगा गत सप्ताह प्रयागराज-कानपुर लाइन के मूंग कम मात्रा में आने की खबर थी, जिससे 300/400 रुपए बढ़कर क्वालिटी अनुसार 6200 से 6700 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बिक रही है ग्रेन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार वास्तविकता यह है कि विदेशों से कोई माल आने वाले नहीं है, यूपी के अलावा बिहार-झारखंड के भी माल आ रहे हैं, अब बढ़े भाव पर थोड़ा ठहराव के बाद बाजार फिर बढ़ जाएगा, क्योंकि उत्पादक मंडिया तेज चल रही हैं। दाल मिलों में और कोई दूसरा माल नहीं है, राजस्थान-महाराष्ट्र की फसल आने में अभी 2 महीने का समय लगेगा। मटर-व्यापार में कोई रिस्क नहीं मटर में मौसम खराब होने तथा हल्के माल की बिकवाली आने से दो दिन में थोड़ी खामोशी जरूर रही।उधर विदेशी मटर का आयात भी बंद है तथा उत्पादक मंडियों में भी आवक घटने लगी है, जिससे वर्तमान भाव की मटर में अब घटने की गुंजाइश नहीं है। हरियाणा-पंजाब, जम्मू कश्मीर एवं राजस्थान की मांग निकलने लगी है। यही कारण है कि अब इसमें कभी भी बाजार 400/500 रुपए बढ़ सकता है।

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